ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर में तीन दिवसीय क्षेत्रीय मेंटरिंग सत्र का सफल समापन
पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय मेंटरिंग सत्र ऑन इनोवेशन का सफल समापन ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर (कार्यक्रम के नोडल केंद्र) में हुआ।यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE), मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन इनोवेशन सेल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT), स्कूल इनोवेशन काउंसिल एवं वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस गहन मेंटरिंग कार्यक्रम में 30 जिलों के पीएम श्री विद्यालयों से आए कुल 188 प्रतिभागियों—जिनमें शिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल थे—ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार दीक्षित, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव, निदेशालय शिक्षा, भोपाल द्वारा विशिष्ट अतिथि श्री गौरव गोयल, सहायक निदेशक, MSME DFO इंदौर की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में माननीय प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई एवं श्री गौरव ठकराल की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही प्रो. (डॉ.) गरिमा घई, मुख्य प्रबंध निदेशक; प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे, वाइस चांसलर; श्री अजयेंद्र नाथ, उप पंजीयक; एवं ओरिएंटल यूनिवर्सिटी के अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम माननीय चांसलर श्री प्रवीण ठकराल के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन प्रो. (डॉ.) शैलेंद्र सिंह, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एवं कार्यक्रम संयोजक द्वारा किया गया, साथ ही डॉ. अतुल अग्रवाल ने सह-संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेंटरिंग सत्रों का संचालन वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञ मेंटर्स श्री राहुल पांडे एवं श्री विप्लव पाठक द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. विशेष कासलीवाल (CEO एवं संस्थापक, मेडिसेवा टेक्नोलॉजीज प्रा. लि.), सुश्री सोनिया हाजेला (MD, वुडएप्पल रिसोर्सेज प्रा. लि.) तथा श्री अमित मालू (CEO/Director, IQNAXX System) द्वारा भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
तीनों दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने डिजाइन थिंकिंग, समस्या पहचान, प्रोटोटाइपिंग, कस्टमर डिस्कवरी, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उद्यमिता जैसे विषयों पर हैंड्स-ऑन सत्रों में भाग लिया। कार्यक्रम में लर्निंग बाय डूइंग पर विशेष जोर दिया गया, जिसके अंतर्गत इंटरएक्टिव गेम्स, केस स्टडीज, प्रोटोटाइप निर्माण एवं सहयोगात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण फाइनल पिच प्रेजेंटेशन रहा, जो 8 मूल्यांकन कक्षों में आयोजित किया गया, जहाँ टीमों ने विशेषज्ञ पैनल के समक्ष अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। कई संभावनाशील विचारों को आगे के विकास एवं सहयोग के लिए चयनित किया गया।
कार्यक्रम में “इनोवेशन इन एक्शन” विजिट भी शामिल रही, जिसमें प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की इनक्यूबेशन सुविधाओं का अवलोकन कराया गया, जिससे उन्हें वास्तविक जीवन में नवाचार प्रक्रियाओं का अनुभव प्राप्त हुआ।
समापन सत्र के दौरान सभी प्रतिभागियों एवं मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के प्रति अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक परिवर्तनकारी एवं समृद्ध अनुभव बताया, जिसने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए नवाचार की नई दिशा प्रदान की।
यह तीन दिवसीय मेंटरिंग सत्र नवाचार-प्रेरित सोच, सहयोग एवं उद्यमशीलता भावना को सुदृढ़ करने में सफल रहा, जो स्कूल शिक्षा में नवाचार संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
